मैं यही रहूंगा

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यही कोई सात आठ साल पहले की बात है। सुरेश अपने पुराने मित्र रामप्रकाश से मिलने गया था। तब रामप्रकाश ने लगभग चहकते हुए बताया था, ” यार मेरा बेटा अमरीका चला गया है। वहां किसी एस डी सी कम्पनी में असिस्टेंट के रूप में काम कर रहा है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैअच्छा पैकेज भी मिला है

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